Power button काम नहीं कर रहा? फोन ऑन करने के 5 आसान तरीके

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सबसे पहले यह समझना ज़रूरी है

जब फोन का Power button काम नहीं कर रहा है, तो ज़्यादातर लोग यही सोचते हैं कि अब फोन खराब हो गया है। लेकिन अक्सर ऐसा नहीं होता। कई मामलों में यह समस्या या तो अस्थायी होती है या फिर फोन को चालू करने के दूसरे तरीके मौजूद होते हैं। इसलिए घबराने से पहले स्थिति को ठीक से समझना ज़रूरी है।

पावर बटन की समस्या दो तरह की हो सकती है। पहली, हार्डवेयर से जुड़ी, जहाँ बटन अंदर से दब नहीं रहा या टूट गया हो। दूसरी, सॉफ्टवेयर से जुड़ी, जहाँ फोन तो ठीक होता है लेकिन बटन का रिस्पॉन्स काम नहीं करता। ज़्यादातर non-technical यूज़र्स के फोन में दूसरी वाली समस्या ज़्यादा देखने को मिलती है।

यह भी ध्यान रखने वाली बात है कि अगर फोन चार्ज हो रहा है, स्क्रीन कभी-कभी हल्की वाइब्रेशन या लोगो दिखाता है, तो फोन पूरी तरह डेड नहीं है। ऐसे मामलों में पावर बटन के बिना भी फोन ऑन किया जा सकता है। आगे बताए गए तरीके इसी समझ के आधार पर काम करते हैं।

तरीका 1 – चार्जर और वॉल्यूम बटन से फोन ऑन करें

अगर पावर बटन काम नहीं कर रहा है, तो यह सबसे ज़्यादा काम आने वाला तरीका माना जाता है। ज़्यादातर Android फोन में वॉल्यूम बटन अभी भी सही काम करता है, और उसी का इस्तेमाल करके फोन को ऑन किया जा सकता है। कई लोगों के साथ ऐसा हुआ है कि फोन पूरी तरह बंद था, लेकिन इस तरीके से वह दोबारा चालू हो गया।

इसके लिए सबसे पहले फोन को चार्जर से कनेक्ट करें। अब वॉल्यूम अप या वॉल्यूम डाउन बटन को दबाकर रखें और उसी समय चार्जर लगा रहने दें। कुछ सेकंड बाद स्क्रीन पर कंपनी का लोगो या रिकवरी मेन्यू दिखाई दे सकता है। जैसे ही स्क्रीन ऑन हो, वॉल्यूम बटन छोड़ दें।

अगर पहली बार में फोन ऑन न हो, तो दोनों वॉल्यूम बटन को एक साथ दबाकर भी कोशिश की जा सकती है। अलग-अलग ब्रांड में यह तरीका थोड़ा बदल सकता है, इसलिए एक-दो बार ट्राय करना सामान्य बात है। ज़्यादातर मामलों में यह तरीका तब काम करता है जब फोन पूरी तरह डैमेज नहीं हुआ हो।

अगर फोन चार्जर लगाने पर हल्की वाइब्रेशन, लोगो या लाइट दिखाता है, तो इसका मतलब है कि फोन अंदर से चालू होने की स्थिति में है। ऐसे में वॉल्यूम बटन वाला तरीका सफल होने की संभावना ज़्यादा रहती है।

A person is connecting a phone to a charger, preparing to charge the device.

तरीका 2 – फोन को चार्जिंग में लगाकर अपने-आप ऑन होने देना

कई बार पावर बटन काम न करने पर भी फोन पूरी तरह बंद नहीं होता, बल्कि बैटरी पूरी तरह खत्म होने के बाद वह चार्ज मिलने पर खुद प्रतिक्रिया देता है। ऐसे मामलों में फोन को चार्जिंग में लगाकर कुछ समय तक छोड़ देना एक आसान और सुरक्षित तरीका होता है। non-technical यूज़र्स के लिए यह तरीका बिना किसी extra सेटिंग के काम आ सकता है।

इसके लिए फोन को ओरिजिनल या अच्छे क्वालिटी के चार्जर से कनेक्ट करें और कम से कम 10–15 मिनट तक चार्ज होने दें। कुछ फोन चार्ज मिलने पर अपने-आप कंपनी का लोगो दिखा देते हैं या स्क्रीन हल्की सी ऑन हो जाती है। जैसे ही स्क्रीन पर कुछ भी दिखाई दे, फोन को चालू अवस्था में माना जा सकता है।

अक्सर लोग जल्दी में चार्जर हटाकर दोबारा पावर बटन दबाने लगते हैं, जिससे फोन फिर से रिस्पॉन्ड नहीं करता। बेहतर है कि फोन को थोड़ी देर चार्जिंग में ही रहने दिया जाए। ज़्यादातर मामलों में यह तरीका तब काम करता है जब समस्या सॉफ्टवेयर या बैटरी लेवल से जुड़ी हो, न कि हार्डवेयर डैमेज से।

तरीका 3 – पहले से चालू सेटिंग्स से फोन ऑन करना

कुछ फोन में ऐसी सेटिंग्स पहले से मौजूद होती हैं, जिनकी मदद से पावर बटन के बिना भी फोन अपने-आप ऑन हो सकता है। अक्सर यूज़र्स को याद भी नहीं रहता कि उन्होंने कभी अलार्म, शेड्यूल्ड पावर ऑन या इसी तरह का कोई विकल्प चालू किया था। लेकिन जब पावर बटन काम नहीं करता, तब यही सेटिंग्स काम आ सकती हैं।

अगर आपके फोन में अलार्म पहले से सेट है, तो तय समय पर अलार्म बजने से स्क्रीन अपने-आप ऑन हो सकती है। इसी तरह कुछ ब्रांड्स में “Scheduled power on/off” नाम की सेटिंग होती है, जो तय समय पर फोन को चालू कर देती है। non-technical यूज़र्स के लिए यह तरीका आसान इसलिए है क्योंकि इसमें किसी बटन को दबाने की ज़रूरत नहीं पड़ती।

यह तरीका तभी काम करेगा जब ये सेटिंग्स पहले से चालू हों। अगर पहले कभी ऐसी सेटिंग नहीं की गई थी, तो इसे अभी चालू करना संभव नहीं होगा। फिर भी कई लोगों के साथ ऐसा हुआ है कि सुबह अलार्म बजते ही उनका फोन ऑन हो गया, जबकि पावर बटन बिल्कुल काम नहीं कर रहा था।

तरीका 4 – Accessibility या Assistive menu का इस्तेमाल

अगर फोन किसी तरह ऑन हो जाता है लेकिन पावर बटन काम नहीं करता, तो Accessibility या Assistive menu बहुत काम का साबित होता है। यह एक सॉफ्टवेयर फीचर होता है, जो स्क्रीन पर एक वर्चुअल बटन दिखाता है। इसकी मदद से आप पावर बटन के कई काम बिना असली बटन दबाए कर सकते हैं।

ज़्यादातर Android फोन में यह विकल्प Settings के अंदर Accessibility सेक्शन में मिलता है। एक बार यह menu चालू हो जाए, तो स्क्रीन पर एक छोटा सा आइकन दिखने लगता है। उसी आइकन से लॉक स्क्रीन, पावर मेन्यू और दूसरी basic actions इस्तेमाल की जा सकती हैं।

non-technical यूज़र्स के लिए यह तरीका इसलिए अच्छा है क्योंकि इसमें किसी तरह की technical जानकारी की ज़रूरत नहीं पड़ती। अगर फोन एक बार ऑन हो जाए, तो आगे के लिए पावर बटन पर निर्भरता काफी हद तक कम हो जाती है।

अगर पावर बटन हार्डवेयर की वजह से खराब हो गया है, तो Accessibility या Assistive menu को तुरंत चालू कर लेना समझदारी भरा कदम होता है। इससे रोज़मर्रा के इस्तेमाल में फोन को बार-बार ऑन-ऑफ करने की परेशानी कम हो जाती है।

Android phone screen showing accessibility or assistive menu floating button

तरीका 5 – Double tap या raise to wake जैसी फीचर्स का इस्तेमाल

आजकल कई स्मार्टफोन में ऐसी फीचर्स होती हैं, जिनसे स्क्रीन को बिना पावर बटन दबाए ऑन किया जा सकता है। Double tap to wake या raise to wake जैसी सेटिंग्स फोन को हल्की सी हरकत या स्क्रीन पर टैप से जगा देती हैं। अगर यह फीचर पहले से चालू है, तो पावर बटन की कमी काफी हद तक महसूस नहीं होती।

Double tap to wake में आपको बस स्क्रीन पर दो बार हल्का सा टैप करना होता है और स्क्रीन ऑन हो जाती है। वहीं raise to wake फीचर फोन को हाथ में उठाते ही स्क्रीन जगा देता है। non-technical यूज़र्स के लिए यह तरीके इसलिए आसान हैं क्योंकि इनमें किसी extra बटन या सेटिंग बदलने की ज़रूरत नहीं पड़ती।

यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि ये फीचर्स हर फोन में नहीं होते और कई बार बैटरी बचाने के लिए बंद भी रहते हैं। अगर आपके फोन में ये पहले से चालू हैं, तो यह तरीका रोज़मर्रा के इस्तेमाल में काफी मददगार साबित हो सकता है।

अगर ऊपर के 5 तरीके काम न करें (बोनस तरीका)

अगर ऊपर बताए गए पांचों तरीके काम न करें, तो एक बोनस तरीका है जिसे आख़िरी विकल्प की तरह आज़माया जा सकता है। यह तरीका तब काम आता है जब फोन पूरी तरह ऑफ है और पावर बटन बिल्कुल रिस्पॉन्ड नहीं कर रहा। non-technical यूज़र्स के लिए इसे आसान भाषा में समझना ज़रूरी है, ताकि बेवजह की उलझन न हो।

इसके लिए फोन को USB केबल की मदद से किसी कंप्यूटर या लैपटॉप से कनेक्ट करें। कई मामलों में जैसे ही फोन को पावर मिलती है, वह अपने-आप चार्जिंग मोड या स्टार्ट स्क्रीन दिखाने लगता है। कुछ फोन में वॉल्यूम बटन को दबाकर रखने से यह प्रक्रिया और आसान हो जाती है।

यह तरीका हर फोन में काम करे, यह ज़रूरी नहीं है। अगर फोन बिल्कुल भी प्रतिक्रिया नहीं देता या कंप्यूटर से कनेक्ट होने पर कुछ नहीं दिखाता, तो बेहतर है कि आगे ज़्यादा कोशिश न की जाए। ऐसे मामलों में पावर बटन की हार्डवेयर जांच करवाना ही सही कदम होता है।

क्या पावर बटन रिपेयर कराना ज़रूरी है?

पावर बटन काम न करने पर सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि क्या तुरंत रिपेयर कराना ज़रूरी है या कुछ समय बिना रिपेयर भी काम चल सकता है। अगर ऊपर बताए गए तरीके आपके फोन में काम कर रहे हैं और फोन रोज़मर्रा के इस्तेमाल में ठीक चल रहा है, तो तुरंत रिपेयर कराना ज़रूरी नहीं होता। कई लोग महीनों तक ऐसे ही फोन इस्तेमाल करते हैं।

लेकिन अगर फोन बार-बार बंद हो जाता है, चार्ज खत्म होने के बाद ऑन ही नहीं हो पा रहा, या हर बार कोई जुगाड़ लगाना पड़ रहा है, तो यह संकेत है कि समस्या हार्डवेयर की है। ऐसे मामलों में पावर बटन रिपेयर करवाना ही बेहतर रहता है, ताकि आगे अचानक फोन बंद होने का डर न रहे।

ज़्यादातर मामलों में पावर बटन का रिपेयर बहुत महंगा नहीं होता। अगर बाकी सब कुछ ठीक है और सिर्फ बटन की दिक्कत है, तो रिपेयर करवाकर फोन को लंबे समय तक आराम से इस्तेमाल किया जा सकता है।

आम गलतियाँ जो लोग करते हैं

पावर बटन काम न करने पर कई लोग घबराकर ऐसे तरीके अपनाने लगते हैं, जो फोन के लिए नुकसानदेह हो सकते हैं। अक्सर देखा गया है कि लोग बार-बार उसी खराब बटन को ज़ोर से दबाते रहते हैं, जिससे अंदर का मैकेनिज़्म और बिगड़ सकता है। इससे बाद में रिपेयर का खर्च भी बढ़ जाता है।

कुछ लोग इंटरनेट पर दिखे जुगाड़ वाले तरीकों पर भरोसा कर लेते हैं, जैसे फोन को हिलाना, दबाना या गर्म–ठंडा करना। ज़्यादातर मामलों में ये तरीके काम नहीं करते और उल्टा फोन के दूसरे पार्ट्स को नुकसान पहुँचा सकते हैं। non-technical यूज़र्स के लिए ऐसी एक्सपेरिमेंट से बचना ज़्यादा सुरक्षित रहता है।

सबसे सही तरीका यह है कि पहले सुरक्षित और आसान उपाय आज़माए जाएँ। अगर फोन बार-बार बंद हो रहा है या बिल्कुल रिस्पॉन्ड नहीं कर रहा, तो ज़्यादा कोशिश करने के बजाय प्रोफेशनल जांच करवाना बेहतर होता है। इससे डेटा और फोन दोनों सुरक्षित रहते हैं।

  • फोन को अच्छे चार्जर से कनेक्ट करके धैर्य से इंतज़ार करें
  • Accessibility या software options का सही इस्तेमाल करें
  • जरूरत पड़ने पर समय रहते रिपेयर पर विचार करें
  • खराब पावर बटन को ज़ोर से बार-बार न दबाएँ
  • इंटरनेट पर दिखे risky जुगाड़ न आज़माएँ
  • फोन को झटका देने या दबाने जैसी हरकतें न करें

क्या पावर बटन के बिना फोन को रीस्टार्ट किया जा सकता है?

जी हाँ, अगर आपका फोन ऑन है, तो आप 'Accessibility Menu' या 'Assistive Touch' को सेटिंग्स से इनेबल करके स्क्रीन पर मौजूद वर्चुअल बटन से फोन को रीस्टार्ट या पावर ऑफ कर सकते हैं 。

फोन का पावर बटन खराब होने का मुख्य कारण क्या होता है?

यह दो तरह की समस्या हो सकती है: हार्डवेयर (बटन का टूटना या जाम होना) या सॉफ्टवेयर (सिस्टम का बटन को रिस्पॉन्स न देना) 。 ज़्यादातर मामलों में सॉफ्टवेयर की छोटी समस्याओं के कारण भी ऐसा होता है 。

क्या पावर बटन ठीक कराने में बहुत खर्चा आता है?

ज़्यादातर मामलों में पावर बटन का रिपेयर बहुत महंगा नहीं होता है 。 अगर फोन की बाकी चीज़ें सही हैं, तो इसे रिपेयर करवाकर आप फोन को लंबे समय तक इस्तेमाल कर सकते हैं 。

क्या चार्जर लगाने से बंद फोन अपने आप ऑन हो सकता है?

हाँ, कई फोन बैटरी पूरी तरह खत्म होने के बाद चार्जर कनेक्ट करने पर खुद-ब-खुद ऑन हो जाते हैं या कंपनी का लोगो दिखाते हैं 。 इसे कम से कम 10-15 मिनट चार्ज होने देना चाहिए 。

Conclusion

अगर फोन का पावर बटन काम नहीं कर रहा है, तो इसका मतलब यह नहीं कि फोन बेकार हो गया है। ज़्यादातर मामलों में ऊपर बताए गए 5 आसान तरीके आज़माकर फोन को दोबारा ऑन किया जा सकता है और रोज़मर्रा का काम भी चलाया जा सकता है। non-technical यूज़र्स के लिए ये तरीके इसलिए मददगार हैं क्योंकि इनमें किसी खास तकनीकी जानकारी की ज़रूरत नहीं पड़ती।

यह समझना ज़रूरी है कि ये उपाय ज़्यादातर अस्थायी समाधान होते हैं। अगर फोन बार-बार बंद हो जाता है या बिल्कुल भी रिस्पॉन्ड नहीं करता, तो रिपेयर पर विचार करना समझदारी भरा कदम होता है। फिर भी, घबराने की बजाय सही समय पर सही तरीका अपनाने से आप अपना डेटा और फोन दोनों सुरक्षित रख सकते हैं।

अगर आपके साथ भी पावर बटन से जुड़ी कोई अलग समस्या आई हो या कोई तरीका आपके लिए काम आया हो, तो आप अपने अनुभव साझा कर सकते हैं। इससे दूसरे लोगों को भी सही फैसला लेने में मदद मिलेगी।

यह लेख सामान्य जानकारी और अनुभव के आधार पर लिखा गया है। अलग-अलग मोबाइल ब्रांड और मॉडल में फीचर्स व सेटिंग्स अलग हो सकती हैं, इसलिए बताए गए तरीके हर फोन में एक जैसे काम करें, यह ज़रूरी नहीं है। अगर आपका फोन बार-बार बंद हो रहा है या किसी भी तरीके से ऑन नहीं हो पा रहा है, तो बेहतर होगा कि आप अधिकृत सर्विस सेंटर या किसी भरोसेमंद मोबाइल रिपेयर एक्सपर्ट से सलाह लें।

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