आजकल मोबाइल पर एक विज्ञापन दिखाई देता है, “5 मिनट में Loan”, “बिना CIBIL Score Loan”, “बिना ज्यादा Documents के Instant Loan”। जरूरत के समय ऐसा offer देखकर कोई भी व्यक्ति सोच सकता है कि चलो, एक बार App देख लेते हैं।
यहीं से कई बार परेशानी शुरू होती है।
मान लीजिए राहुल को अचानक ₹5,000 की जरूरत पड़ गई। उसे एक ऐसा Loan App मिला जिसमें बहुत जल्दी approval का दावा था। राहुल ने App install किया और जल्दी-जल्दी Permissions Allow कर दीं। कुछ समय बाद उसे पता चला कि App ने उसके फोन के कई निजी डेटा तक access मांगा है।
अब समस्या सिर्फ Loan की नहीं रह जाती। अगर कोई suspicious app आपके personal data का गलत इस्तेमाल करता है, तो मामला privacy risk, harassment, cyber fraud और complaint तक पहुंच सकता है।
इसलिए Fake Loan App को पहचानना सिर्फ यह देखने का मामला नहीं है कि App Play Store पर है या नहीं। आपको यह भी देखना होगा कि असल lender कौन है, App किसके behalf पर loan दे रहा है और वह आपके phone data के साथ क्या कर रहा है।
इस लेख में इसी पूरी बात को आसान भाषा में समझते हैं।
जल्दी समझें:
किसी भी Instant Loan App को इस्तेमाल करने से पहले उसके पीछे मौजूद Bank/NBFC और उसकी official website पर App की जानकारी verify करें। SMS, WhatsApp, Telegram या किसी अनजान website से मिले APK को install करने से बचें। अगर financial cyber fraud हो चुका है तो evidence सुरक्षित करके तुरंत 1930 या National Cyber Crime Reporting Portal पर report करें।
Fake Loan App आखिर फंसाता कैसे है?

दुकान पर या आसपास अक्सर एक बात सुनने को मिलती है, “बस छोटा सा loan online लिया था, पता नहीं इतनी बड़ी मुसीबत कैसे बन गई।”
1. सबसे पहले दिखाया जाता है Instant Loan का लालच
Advertisement कुछ ऐसा हो सकता है:
“₹50,000 तक Loan”
“5 मिनट में Approval”
“कम Documents”
“Low CIBIL वालों के लिए भी Loan”
जरूरतमंद व्यक्ति naturally सोचता है कि पहले Application डालकर देखते हैं।
लेकिन यहां पहली सावधानी जरूरी है।
Fast approval अपने आप में यह साबित नहीं करता कि App genuine है।
RBI भी लोगों को सलाह देता है कि Digital Lending App इस्तेमाल करने से पहले यह जांचें कि वह किसी RBI-regulated Bank/NBFC से associated है या नहीं।
ℹ️ आसान शब्दों में मुख्य टर्म्स (उदाहरण सहित):
- डिजिटल लैंडिंग ऐप: मोबाइल के ज़रिए बिना बैंक जाए तुरंत ऑनलाइन लोन देने वाला ऐप। (उदाहरण: Navi, KreditBee, Money View)
- RBI-regulated Bank: ऐसे बैंक जो भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के कड़े नियमों के तहत पूरी तरह सुरक्षित काम करते हैं। (उदाहरण: HDFC Bank, SBI, ICICI Bank)
- NBFC (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी): बिना बैंक लाइसेंस के कानूनी रूप से लोन देने वाली रजिस्टर्ड फाइनेंस कंपनी। (उदाहरण: Bajaj Finance, Tata Capital, Muthoot Finance)
- NBFC से Associated: जब कोई ऐप खुद लोन न देकर किसी मान्यता प्राप्त NBFC के साथ मिलकर काम करता है और आपको लोन दिलवाता है। (उदाहरण: KreditBee ऐप खुद NBFC नहीं है, लेकिन Krazybee Services NBFC से जुड़ा हुआ है)
2. असली खेल कई बार Permissions से शुरू होता है

App install करने के बाद अगर वह Contacts, Photos/Media, Call Logs जैसी चीजों तक access मांगने लगे तो बिना सोचे Allow दबा देना सही नहीं है।
यह बात खास तौर पर ध्यान देने वाली है क्योंकि RBI के Digital Lending framework में regulated entities के lending apps को phone resources जैसे file/media, contact list, call logs और telephony functions access करने से बचने के लिए कहा गया है। जरूरत के अनुसार Camera, Microphone या Location जैसी permissions कुछ onboarding/KYC purposes के लिए explicit consent के साथ ली जा सकती हैं।
ℹ️ Regulated Entities (विनियमित संस्थाएं) क्या हैं?
इसका मतलब उन बैंक या NBFCs से है जो RBI (भारतीय रिज़र्व बैंक) के लाइसेंस और कड़े नियमों के तहत काम करते हैं (जैसे SBI, HDFC, Bajaj Finance आदि)। ये संस्थाएं पूरी तरह कानूनी और सुरक्षित होती हैं।
इसका मतलब यह नहीं है कि हर permission मांगने वाला App fake है।
मतलब यह है कि आपको पूछना चाहिए:
“इस App को यह permission आखिर चाहिए क्यों?”
अगर Loan App को आपके पूरे Contacts और Gallery की Permission की जरूरत बताई जा रही है, तो यह गंभीर warning sign हो सकता है।
⚠️ फोन की Permissions देने से पहले यह ज़रूर समझें:
अगर आप बिना सोचे-समझे किसी अनजान या Fake Loan App को Contacts और Gallery (Photos/Videos) की Permission दे देते हैं, तो वह आपके डेटा का इस तरह गलत इस्तेमाल (Misuse) कर सकता है:
- Contacts का गलत इस्तेमाल (Harassment): ऐप आपके फोन की पूरी कांटेक्ट लिस्ट अपने सर्वर पर अपलोड कर लेता है। लोन न चुकाने या देरी होने पर ये जालसाज आपके रिश्तेदारों, दोस्तों और सहकर्मियों को फोन/मैसेज करके गाली-गलौज करते हैं और आपकी बदनामी की धमकी देते हैं।
- Gallery का गलत इस्तेमाल (Blackmail): अगर ऐप के पास आपकी फोटोज़ और मीडिया का एक्सेस है, तो वे आपकी निजी तस्वीरों को चुरा सकते हैं। कई मामलों में इन तस्वीरों को एडिट या मॉर्फ करके (Deepfake/Obscene Photos बनाकर) आपको ब्लैकमेल किया जाता है और मनमानी रकम वसूलने की कोशिश की जाती है।
- प्राइवेसी और डेटा लीक्स: आपका निजी डेटा और आपकी पर्सनल डिटेल्स को डार्क वेब या अन्य साइबर अपराधियों को बेचा जा सकता है।
💡 सलाह: कोई भी असली और RBI-पंजीकृत लोन ऐप आपसे पूरे Contacts या Phone Gallery का एक्सेस नहीं मांगता।
3. Loan की रकम और वापस करने वाली रकम अलग हो सकती है
अब एक दूसरा Trap समझिए।
मान लीजिए App में ₹10,000 loan approved दिखाई दिया, लेकिन आपके bank account में सिर्फ ₹6,000 आए। बाकी रकम processing fee या दूसरे charges के नाम पर काट ली गई।
फिर कहा गया कि बहुत कम समय में पूरी रकम वापस करनी है।
यहां borrower (उधार लेने वाला) को सिर्फ “मुझे ₹10,000 का loan मिला” नहीं देखना चाहिए।
उसे यह देखना चाहिए:
- Actual disbursed amount कितना है?
(Disbursed Amount: लोन अप्रूव होने के बाद, सभी कटौतियों (जैसे प्रोसेसिंग फीस और GST) के बाद जो असली पैसा सीधे आपके बैंक खाते में जमा होता है, उसे Disbursed Amount कहते हैं।)
- Interest कितना है?
- Processing fee कितनी है?
- बाकी charges क्या हैं?
- Repayment amount कितना है?
- Loan tenure कितने दिनों का है?
- असली lender कौन है?

Loan लेने से पहले इन terms को समझना जरूरी है।
4. फिर शुरू हो सकता है Pressure और Harassment
अगर कोई suspicious lending operation ((संदिग्ध ऋण संचालन)) आपके contacts या दूसरे personal data तक पहुंच बना लेता है, तो समस्या और गंभीर हो सकती है।
कुछ मामलों में borrowers ने ऐसी शिकायतें की हैं जिनमें contacts या media जैसे data के misuse के जरिए harassment किया गया। RBI की digital lending report में भी ऐसे data-access और harassment risks का उल्लेख किया गया है।
यानी समस्या सिर्फ पैसे की नहीं है।
आपका personal data भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
Genuine Loan App और Fake Loan App में फर्क कैसे करें?
यहां मैं एक बहुत सीधी बात कहूंगा।
सिर्फ Play Store पर App मौजूद होना = Genuine होने की guarantee नहीं है।
RBI ने भी यह बताया है कि कुछ unscrupulous Apps (अनैतिक / धोखेबाज़ ऐप्स) खुद को RBI-regulated entities से जुड़ा हुआ बताकर लोगों को भ्रमित करते हैं। RBI ने ऐसे claims verify करने के लिए Digital Lending Apps की public repository बनाने की पहल भी की है।
ℹ️ आसान भाषा में समझें (Claims Verify और Public Repository):
- Claims Verify (दावों की पुष्टि): इसका मतलब है कि लोन ऐप जो दावे कर रहा है (जैसे- RBI Regulated होने का या कम ब्याज दर का), उसकी सत्यता की जाँच संबंधित बैंक/NBFC की आधिकारिक वेबसाइट से करना।
- Public Repository (सार्वजनिक रिपोजिटरी): यह RBI/बैंकों द्वारा बनाई गई एक आधिकारिक ऑनलाइन सूची होती है, जहाँ सभी वैध और लीगल लोन ऐप्स के नाम दर्ज होते हैं। यहाँ से ऐप के नाम की सत्यता तुरंत Verify की जा सकती है।

इसलिए ये checks करें:
| क्या जांचें? | Genuine होने पर क्या देखें? | Warning Sign |
|---|---|---|
| Lender (ऋणदाता) | Bank या NBFC की स्पष्ट जानकारी दी गई हो। | Lender या फाइनेंस कंपनी का नाम छुपा हो या अस्पष्ट हो। |
| Official Website | आधिकारिक वेबसाइट पर Loan और App की पूरी जानकारी उपलब्ध हो। | वेबसाइट के नाम पर केवल एक साधारण landing page हो। |
| RBI Association | Bank/NBFC की आधिकारिक वेबसाइट से App के नाम की पुष्टि हो। | वेबसाइट पर कोई ज़िक्र न हो, केवल App में दावा किया गया हो। |
| Loan Terms | Loan की रकम, ब्याज (Interest), फीस और Tenure पूरी तरह साफ़ हों। | प्रोसेसिंग फीस या हिडन चार्जेस (Hidden Charges) अस्पष्ट हों। |
| Permissions | ज़रूरत के हिसाब से सीमित एक्सेस (जैसे केवल Camera या Location)। | Contacts, Gallery, Photos या Call Logs का अनावश्यक एक्सेस। |
| Download Source | गूगल प्ले स्टोर (Google Play Store) या Verified सोर्स से डाउनलोड। | SMS, WhatsApp, Telegram या किसी अनजान APK फाइल लिंक से। |
| Customer Support | ऑफिस का पता, कस्टमर केयर नंबर और ईमेल आईडी उपलब्ध हो। | कस्टमर सपोर्ट के नाम पर केवल एक फर्जी WhatsApp नंबर हो। |
| Reviews & Ratings | 1-Star और 2-Star रिव्यूज़ में गंभीर शिकायतों की जाँच करें। | केवल फ़र्जी दिखने वाले 5-Star रिव्यूज़ पर भरोसा करना। |
Reviews पढ़ने का सही तरीका
सिर्फ यह मत देखिए कि App को 4.5 Star मिले हैं।
1-Star और 2-Star reviews खोलिए।
देखिए लोग किस बात की शिकायत कर रहे हैं:
- Hidden charges?
- Unauthorized deductions?
- Data privacy?
- Harassment?
- Repayment problem?
- Customer support?
एक-दो negative reviews से फैसला नहीं करना चाहिए, लेकिन एक जैसी शिकायत बार-बार दिखाई दे रही है तो उसे नजरअंदाज भी नहीं करना चाहिए।
अगर Fake Loan App के जाल में फंस गए हैं तो क्या करें?
अब सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा।
मान लीजिए आपने App install कर लिया, Permissions दे दीं या पैसे का transaction भी हो गया।
घबराकर कोई जल्दबाजी न करें।
सबसे पहले क्या न करें?
डरकर बार-बार पैसे भेजते न रहें।
अगर कोई suspicious person लगातार नए payment की मांग कर रहा है, तो केवल डर के कारण हर बार payment करते जाना समस्या का समाधान नहीं है।
दूसरी तरफ, यह भी जरूरी है कि genuine loan और actual outstanding amount को fake demand से अलग समझें। सिर्फ किसी के धमकाने से यह तय नहीं होता कि आपको कितनी रकम देनी है।
App तुरंत uninstall करने से पहले evidence सुरक्षित करें
यह गलती कई लोग कर देते हैं।
पहले जितने जरूरी evidence मिल सकते हैं, उन्हें सुरक्षित करें:
- App का screenshot
- Loan offer
- Loan agreement/document
- Payment details
- Bank statement
- UPI/Transaction ID
- SMS
- WhatsApp messages
- धमकी या harassment वाले messages
- App का नाम
- Developer/lender की जानकारी
- Website या URL
इसके बाद device की security और permissions पर काम करें।
Fake Loan App से निकलने का Step-by-Step तरीका
Step 1: App की Permissions बंद करें
अपने Android phone में आम तौर पर:
Settings → Apps → संबंधित App → Permissions
यहां जाकर देखें कि App को कौन-कौन से access मिले हुए हैं।
जो permissions जरूरी नहीं हैं उन्हें बंद करें।
ध्यान रखें: अलग-अलग Android phones में Settings के नाम थोड़े अलग हो सकते हैं।
अगर App suspicious है तो सिर्फ uninstall करने पर निर्भर न रहें। पहले evidence सुरक्षित करें और फिर permissions तथा device security को check करें।
Step 2: सारे Evidence एक जगह सुरक्षित करें
एक folder बनाकर उसमें screenshots और documents रख सकते हैं।
खासकर financial fraud हुआ है तो:
- Transaction ID/UTR
- Transaction date
- Fraud amount
- Bank/Wallet/Merchant details
- Payment screenshot
जैसी जानकारी संभालकर रखें।
National Cyber Crime Reporting Portal भी financial fraud complaint के लिए ऐसी transaction details और relevant evidence तैयार रखने को कहता है।
एक Practical बात:
Screenshot लेने के बाद उसे edit या crop करके original evidence नष्ट मत करिए। Original files भी सुरक्षित रखें।
Step 3: Financial Cyber Fraud है तो 1930 पर तुरंत Report करें
अगर आपके साथ online financial fraud हुआ है, तो देर न करें।
National Cyber Crime Helpline 1930 पर report किया जा सकता है। National Cyber Crime Reporting Portal पर भी complaint दर्ज की जा सकती है।
National Cyber Crime Reporting Portal
Portal पर Financial Fraud complaint का विकल्प उपलब्ध है और complaint के लिए incident तथा transaction से जुड़ी जानकारी तैयार रखना उपयोगी है।
महत्वपूर्ण: 1930 और Cyber Crime Portal का उपयोग cyber/financial fraud के लिए है। केवल सामान्य loan dispute और cyber fraud को एक ही चीज मानना सही नहीं होगा।

Step 4: Suspicious App या Number को भी Report करें
अगर मामला suspicious website, mobile number, WhatsApp/Telegram handle, email या दूसरे cyber identifier से जुड़ा है, तो National Cyber Crime Reporting Portal पर Report Suspect facility भी उपलब्ध है।
इससे complaint के साथ suspicious identifier की जानकारी भी authorities तक पहुंचाई जा सकती है।
Step 5: RBI से जुड़ा मामला है तो सही शिकायत का रास्ता चुनें
यहां एक जरूरी फर्क समझना बहुत जरूरी है।
अगर मामला किसी RBI-regulated Bank/NBFC की service या grievance से जुड़ा है, तो पहले उस regulated entity की grievance mechanism का इस्तेमाल करना चाहिए। जरूरत पड़ने पर RBI के complaint mechanism/Ombudsman route की जानकारी देखी जा सकती है।
दूसरी तरफ, unauthorized financial activity के बारे में information/complaint देने के लिए Sachet portal का उपयोग किया जा सकता है। RBI ने Sachet को unauthorized deposit/financial activities से जुड़ी जानकारी और शिकायतों के लिए बनाया है।
इसलिए हर loan dispute को सीधे “Sachet complaint” कहना सही नहीं है।
Step 6: Local Cyber Cell/Police को भी Report करें
अगर मामला serious harassment, धमकी, identity misuse, financial fraud या दूसरे cyber crime तक पहुंच चुका है, तो स्थानीय Police/Cyber Cell में भी report करना उचित हो सकता है।
Complaint की copy, acknowledgement number और दूसरे documents संभालकर रखें।
Contacts को धमकी दी जा रही हो तो क्या करें?
अगर किसी suspicious App या व्यक्ति के पास आपके contacts का data पहुंच गया है और वह लोगों को message करने की धमकी दे रहा है, तो panic में कोई गलत कदम न उठाएं।
जरूरत हो तो करीबी लोगों को पहले से सामान्य तरीके से बता सकते हैं कि:
“मेरे phone/app से जुड़ी security problem हुई है। अगर मेरे नाम से कोई suspicious message, photo या payment request आए तो उस पर भरोसा न करें।”
इससे सामने वाले व्यक्ति को surprise करने की कोशिश करने के बजाय आपके contacts पहले से alert रहेंगे।
और सबसे महत्वपूर्ण: धमकी मिलने पर evidence delete न करें।
Fake Loan App से बचने का सबसे आसान तरीका
Loan की जरूरत हो तो सिर्फ “5 मिनट में पैसा” देखकर फैसला मत कीजिए।
पहले ये पांच सवाल पूछिए:
1. असली lender कौन है?
2. क्या वह RBI-regulated Bank/NBFC है?
3. क्या उस Bank/NBFC की official website पर इस App/partner की पुष्टि होती है?
4. Loan की total cost और repayment terms साफ हैं?
5. App अनावश्यक personal data या phone permissions तो नहीं मांग रहा?
अगर इन सवालों के जवाब साफ नहीं मिल रहे हैं, तो loan लेने की जल्दी से ज्यादा जरूरी verification है।
RBI भी सलाह देता है कि SMS या social-media links से मिले suspicious loan apps download करने से बचें और app की association को संबंधित Bank/NBFC की website से verify करें।
एक बात हमेशा याद रखें
Fake Loan App का सबसे खतरनाक हिस्सा हमेशा loan की रकम नहीं होती।
कई बार असली समस्या तब शुरू होती है जब कोई व्यक्ति बिना पढ़े permissions allow कर देता है, बिना verification के पैसे भेज देता है या डरकर evidence delete कर देता है।
इसलिए अगर कभी ऐसा मामला हो जाए तो तीन चीजें याद रखें:
घबराएँ नहीं → Evidence सुरक्षित करें → सही जगह Report करें।

निष्कर्ष: Fake Loan App
आज के समय में Digital Loan सुविधा उपयोगी है, लेकिन Instant Loan का लालच देखकर किसी भी App पर भरोसा करना सही नहीं है।
Loan लेने से पहले lender की पहचान verify करें। Bank/NBFC की official website पर जानकारी check करें। Unknown SMS, WhatsApp, Telegram या social-media link से मिले APK को install करने से बचें। और किसी App को ऐसी permissions न दें जिनकी उसे स्पष्ट जरूरत ही नहीं है।
अगर आप पहले ही Fake Loan App के जाल में फंस चुके हैं, तो सबसे पहले panic में आकर सब कुछ delete करने के बजाय evidence सुरक्षित करें। Financial cyber fraud होने पर 1930 / National Cyber Crime Reporting Portal के जरिए तुरंत report करें।
Fake Loan App से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. Fake Loan App क्या होता है?
Fake Loan App ऐसा suspicious या fraudulent app हो सकता है जो जल्दी और आसान loan देने का दावा करके लोगों को फँसाता है। ऐसे मामलों में hidden charges, गलत loan terms, personal data का misuse या harassment जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। इसलिए किसी भी Loan App को इस्तेमाल करने से पहले उसके पीछे मौजूद lender और Bank/NBFC की जानकारी verify करना जरूरी है।
2. किसी Loan App के असली या नकली होने की पहचान कैसे करें?
सबसे पहले देखें कि Loan App के पीछे कौन सा Bank या NBFC है। फिर संबंधित Bank/NBFC की official website पर जाकर App या lending partnership की जानकारी verify करें। Loan terms, charges, customer support और app द्वारा मांगी जा रही permissions को भी ध्यान से जांचें। सिर्फ Play Store पर मौजूद होना genuine होने की guarantee नहीं है।
3. क्या Loan App को Contacts और Gallery की Permission देना सुरक्षित है?
किसी भी Loan App को Contacts, Gallery या दूसरे personal data की permission बिना वजह नहीं देनी चाहिए। पहले समझें कि App को उस permission की जरूरत क्यों है। अगर कोई suspicious app अनावश्यक रूप से personal data तक access मांग रहा है, तो यह warning sign हो सकता है।
4. अगर Loan App ने ₹10,000 approve किए लेकिन खाते में सिर्फ ₹6,000 आए तो क्या करें?
सबसे पहले loan agreement और charges की जानकारी देखें। Processing fee, interest और दूसरे charges के बाद actual disbursed amount कितना है, यह समझना जरूरी है। Approved amount और bank account में वास्तव में मिले amount को अलग-अलग देखें और repayment terms को ध्यान से पढ़ें।
5. Fake Loan App से धमकी या Blackmail मिलने पर क्या करें?
घबराकर बार-बार पैसे भेजने के बजाय पहले evidence सुरक्षित करें। Screenshots, messages, transaction details, app की जानकारी और दूसरे relevant records संभालकर रखें। अगर online financial fraud हुआ है तो 1930 या National Cyber Crime Reporting Portal के जरिए report करें। गंभीर harassment या धमकी की स्थिति में स्थानीय Police या Cyber Cell से भी संपर्क किया जा सकता है।
6. Fake Loan App को तुरंत Uninstall कर देना चाहिए?
Suspicious App मिलने पर सबसे पहले जरूरी evidence सुरक्षित करना बेहतर है। App के screenshots, loan documents, messages और transaction details संभालकर रखें। इसके बाद phone settings में जाकर उसकी unnecessary permissions बंद करें और device security की जांच करें। Evidence सुरक्षित किए बिना जल्दबाजी में सब कुछ delete करना सही नहीं है।
7. Fake Loan App से Financial Fraud हो गया है तो शिकायत कहां करें?
अगर online financial fraud हुआ है तो National Cyber Crime Helpline 1930 पर तुरंत report किया जा सकता है। National Cyber Crime Reporting Portal पर भी complaint दर्ज की जा सकती है। Complaint करते समय transaction ID/UTR, तारीख, fraud amount और उपलब्ध evidence जैसी जानकारी तैयार रखें।
8. क्या Fake Loan App की शिकायत RBI Sachet पर की जा सकती है?
यह शिकायत की प्रकृति पर निर्भर करता है। Unauthorized financial activities से जुड़ी information या complaint के लिए RBI Sachet portal का उपयोग किया जा सकता है। वहीं अगर मामला किसी RBI-regulated Bank/NBFC की service या grievance से जुड़ा है, तो पहले संबंधित Bank/NBFC की grievance mechanism का इस्तेमाल करना चाहिए।
9. अगर Fake Loan App ने मेरे Contacts को धमकी देने की बात कही है तो क्या करें?
ऐसी स्थिति में panic न करें और धमकी के messages या दूसरे evidence delete न करें। जरूरत हो तो अपने करीबी contacts को पहले से बता सकते हैं कि आपके phone या app से security problem हुई है और आपके नाम से आने वाले suspicious messages या payment requests पर भरोसा न करें। अगर मामला cybercrime या financial fraud से जुड़ा है तो उचित reporting route अपनाएं।
10. Fake Loan App से बचने का सबसे आसान तरीका क्या है?
Loan लेने से पहले पांच चीजें जरूर verify करें, असल lender कौन है, क्या वह RBI-regulated Bank/NBFC है, क्या official website पर App की पुष्टि होती है, loan की total cost और repayment terms साफ हैं, और App अनावश्यक permissions तो नहीं मांग रहा है। Unknown SMS, WhatsApp, Telegram या अनजान website से मिले APK को install करने से भी बचें।
सुरक्षा मंत्र
“बिना जांचे Permission न दें,
बिना Verify किए Loan App पर भरोसा न करें,
और Fraud होने पर डरकर चुप न बैठें, Evidence सुरक्षित करके सही जगह Report करें।”
